Supreme Court of India ने छात्रों की कम उपस्थिति को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि केवल अटेंडेंस कम होने के आधार पर किसी छात्र को परीक्षा देने से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए संबंधित छात्रों को राहत प्रदान की। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद शिक्षा जगत में इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है।
मामला उन छात्रों से जुड़ा था जिन्हें निर्धारित उपस्थिति प्रतिशत पूरा नहीं होने के कारण परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि शिक्षा का अधिकार और छात्रों का भविष्य सर्वोपरि है, इसलिए ऐसे मामलों में संतुलित दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। अदालत ने फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से हजारों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों के लिए भी यह फैसला एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है कि नियमों के साथ छात्रों के हितों का भी ध्यान रखना आवश्यक है। अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


