छत्तीसगढ़ के डिप्टी मुख्यमंत्री Vijay Sharma ने कानून व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की हकीकत जानने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। देर रात हाईवे पर अचानक वाहन रुकवाकर उन्होंने खुद को एक आम पीड़ित की तरह पेश किया और डायल-112 सेवा की तत्परता को परखा। इस दौरान पुलिस और आपातकालीन टीम की प्रतिक्रिया समय, व्यवहार और मौके पर पहुंचने की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।
जानकारी के अनुसार, डिप्टी सीएम ने बिना किसी पूर्व सूचना के यह आकस्मिक परीक्षण किया ताकि जमीनी स्तर पर डायल-112 की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। कॉल के कुछ ही समय बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद विजय शर्मा ने अधिकारियों से बातचीत कर व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जनता को त्वरित सहायता मिलना सरकार की प्राथमिकता है और सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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इस निरीक्षण के बाद प्रशासनिक अमले में भी हलचल तेज हो गई है। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डायल-112 को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और तेज बनाया जाए, ताकि सड़क हादसों, अपराध और आपात स्थितियों में लोगों को तुरंत मदद मिल सके।


