चीन अपने महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन के तहत इस साल के अंत में नया मून मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पर्यावरण, जल-बर्फ और प्राकृतिक संसाधनों का सर्वेक्षण करना है। वैज्ञानिकों का मानना है कि चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव भविष्य के मानव मिशनों और अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र साबित हो सकता है।
चीनी अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार मिशन के जरिए चंद्र सतह की संरचना, तापमान और संभावित संसाधनों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। खासतौर पर वहां मौजूद जल-बर्फ की संभावनाओं पर वैज्ञानिकों की नजर है, क्योंकि भविष्य में इसे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पानी, ऑक्सीजन और ईंधन के स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका, भारत और अन्य देशों की तरह चीन भी अब चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को लेकर अपनी रणनीति मजबूत कर रहा है। इस मिशन की सफलता चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाई दे सकती है और भविष्य में चंद्र आधार स्थापित करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।


