देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच भारत में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। बढ़ते तापमान और लगातार चल रहे एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के इस्तेमाल के कारण बिजली की पीक डिमांड 270.82 गीगावाट के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ इसे गर्मी के बढ़ते असर और तेजी से बढ़ती बिजली खपत का बड़ा संकेत मान रहे हैं।
सरकार और बिजली कंपनियों के लिए यह स्थिति बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पावर प्लांटों में कोयले की आपूर्ति, ग्रिड प्रबंधन और बिजली वितरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल देश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने पर दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, रिकॉर्ड बिजली मांग का मतलब यह भी है कि भारत में ऊर्जा खपत तेजी से बढ़ रही है। इससे एक तरफ आर्थिक गतिविधियों और शहरीकरण का संकेत मिलता है, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने की जरूरत भी सामने आती है। आने वाले समय में नवीकरणीय ऊर्जा और बेहतर पावर मैनेजमेंट पर जोर बढ़ने की संभावना है।


