मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े संघर्ष के बीच वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई गई है। International Energy Agency (IEA) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले समय में तेल की सप्लाई मांग के मुकाबले कम पड़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने से उत्पादन और सप्लाई चेन पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है।
आईईए का कहना है कि यदि तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। कई देशों ने पहले ही वैकल्पिक सप्लाई की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अल्पकाल में वैश्विक बाजार पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। इससे ईंधन की कीमतों और महंगाई पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा, खासकर उन देशों पर जो आयात पर निर्भर हैं। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा और वैकल्पिक स्रोतों की जरूरत पहले से ज्यादा अहम हो गई है।


