दाऊदी बोहरा समुदाय से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान Supreme Court of India ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि अदालत धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने लगे, तो देशभर से सैकड़ों याचिकाएं आने लगेंगी। कोर्ट ने संकेत दिया कि धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों में न्यायपालिका को बेहद सावधानी से कदम उठाना होता है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यह मुद्दा केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक प्रभाव देश के विभिन्न धार्मिक समूहों पर पड़ सकता है। इसलिए न्यायालय को यह तय करना होगा कि धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।
कोर्ट की इस टिप्पणी को धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में अहम माना जा रहा है। अब सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट आगे की सुनवाई में इस संवेदनशील मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करेगा।


