Mohan Bhagwat ने कहा है कि भारत मूल रूप से एक हिंदू राष्ट्र है और यह पहचान सदियों से देश की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा रही है। Rashtriya Swayamsevak Sangh प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सभ्यता, परंपरा और सामाजिक संरचना हिंदू विचारधारा से गहराई से जुड़ी रही है, जिसे समझने की जरूरत है।
उन्होंने Ram Mandir Ayodhya के निर्माण को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह केवल एक मंदिर नहीं बल्कि देश की आस्था और पहचान का प्रतीक है। भागवत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण लंबे समय से चली आ रही भावना और संघर्ष का परिणाम है, जिसने समाज को एकजुट करने में भूमिका निभाई है।
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि भारत की एकता और विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है और समाज को आपसी सद्भाव बनाए रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।


