देश में जल गुणवत्ता को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि 18 राज्यों के 151 जिलों के भूजल में यूरेनियम की मौजूदगी पाई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति लंबे समय तक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भूजल प्रदूषण का यह स्तर पीने के पानी की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है, खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में जहां बड़ी आबादी भूजल पर निर्भर है।
रिपोर्ट के अनुसार Punjab सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है, जहां कई जिलों में यूरेनियम की मात्रा तय मानकों से अधिक पाई गई है। इसके पीछे भू-वैज्ञानिक कारणों के साथ-साथ अत्यधिक भूजल दोहन और रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे पानी का सेवन किडनी और हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।
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सरकार और वैज्ञानिक संस्थानों ने स्थिति को गंभीर बताते हुए प्रभावित क्षेत्रों में नियमित जांच, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए तुरंत ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि आने वाले समय में यह संकट और गहरा न हो।


