एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Taiwan भारत के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। रिपोर्ट के मुताबिक ताइवान भारत को एक उभरते हुए बड़े बाजार और भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रहा है। दोनों देशों के बीच तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तेज हो रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि India और ताइवान के बीच व्यापारिक साझेदारी बढ़ने से दोनों अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा फायदा मिल सकता है। भारत को निवेश, तकनीकी विशेषज्ञता और सप्लाई चेन में मजबूती मिलेगी, वहीं ताइवान को बड़ा उपभोक्ता बाजार और वैकल्पिक मैन्युफैक्चरिंग हब मिलेगा। वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में बदलाव के बीच यह सहयोग और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी साझेदारी में तेजी आ सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मजबूत आर्थिक संबंध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकते हैं और दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक लाभ का रास्ता खोल सकते हैं।


