पर्यावरण को लेकर एक गंभीर चेतावनी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि India में हर साल करीब 1.566 करोड़ टन खतरनाक और जहरीला कचरा उत्पन्न हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस कचरे के प्रबंधन और निस्तारण पर तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में यह स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए बड़ा संकट बन सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार औद्योगिक गतिविधियों, केमिकल उत्पादन, ई-वेस्ट और मेडिकल वेस्ट इस खतरनाक कचरे के प्रमुख स्रोत हैं। कई क्षेत्रों में सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था कमजोर होने के कारण यह कचरा जमीन, पानी और हवा को प्रदूषित कर रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों और पारिस्थितिकी तंत्र पर खतरा बढ़ रहा है।
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विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मजबूत नीतियां, आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और जागरूकता अभियान ही इस संकट से निपटने का रास्ता हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पर्यावरणीय संतुलन और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।


