क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करते हुए India ने Maldives को करीब 30 अरब रुपये (लगभग 400 मिलियन डॉलर) की निकासी की मंजूरी दे दी है। यह राशि SAARC के करेंसी स्वैप समझौते के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। इस कदम का उद्देश्य मालदीव की विदेशी मुद्रा जरूरतों को पूरा करना और उसकी आर्थिक स्थिरता को मजबूती देना है।
भारत और मालदीव के बीच आर्थिक सहयोग लंबे समय से मजबूत रहा है। इस सहायता से मालदीव को भुगतान संतुलन (Balance of Payments) की चुनौतियों से निपटने और आवश्यक आयात जारी रखने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच भरोसे और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।
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भारत लगातार अपने पड़ोसी देशों को आर्थिक और विकासात्मक सहयोग देता रहा है। इस ताजा फैसले को “पड़ोसी प्रथम” नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका मकसद क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है।


