नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल पर संसद में जारी चर्चा के दौरान कई दिलचस्प और भावनात्मक बयान भी सुनने को मिले। Ravi Kishan ने सदन में बोलते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “अगर जरूरत पड़े तो मैं अपनी पत्नी के पैर भी छू लूं।” उनके इस बयान पर सदन में हल्की हंसी और तालियां भी सुनाई दीं।
वहीं, Jagadambika Pal ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए कहा कि इस कदम से दूर-दूर तक यह संदेश जाएगा कि देश महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह बिल सिर्फ कानून नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का बड़ा संकेत है।
महिला आरक्षण पर चल रही बहस में सत्ता और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी राय रखी है। कई सांसदों ने इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक बताया, जबकि कुछ ने इसके लागू होने की प्रक्रिया और समयसीमा पर सवाल उठाए। सदन में जारी यह चर्चा आने वाले दिनों में और तेज होने की उम्मीद है।


