पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Indian Navy का कमांडर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित होने जा रहा है, जिसमें समुद्री सुरक्षा और भविष्य की रणनीति पर व्यापक चर्चा होगी। इस सम्मेलन में नौसेना के शीर्ष अधिकारी मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों, हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिति और समुद्री हितों की रक्षा के लिए रोडमैप तैयार करेंगे।
सम्मेलन के दौरान ऑपरेशनल तैयारियों, आधुनिक युद्ध तकनीक, समुद्री निगरानी और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने पर खास फोकस रहेगा। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को देखते हुए नौसेना अपनी तैनाती और क्षमताओं को और मजबूत करने की योजना बनाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक आने वाले वर्षों के लिए भारतीय नौसेना की रणनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। समुद्री सुरक्षा, आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दे इस सम्मेलन के केंद्र में रहेंगे।


