महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून से ज्यादा गंभीर मुद्दा परिसीमन है, जो भविष्य में प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। उनके इस बयान से राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संविधान की भावना को ध्यान में रखते हुए परिसीमन जैसे विषय पर पारदर्शिता और व्यापक चर्चा जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण का समर्थन करते हुए भी सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।


