पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका जताई गई है। रेटिंग एजेंसी CRISIL ने चेतावनी दी है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल जारी रहता है, तो India का राजकोषीय घाटा बढ़कर करीब 2% तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार तेल आयात पर बढ़ता खर्च सरकार के वित्तीय संतुलन पर दबाव डाल सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक तेल कीमतों में उछाल का सीधा असर सरकारी सब्सिडी और चालू खाते के संतुलन पर पड़ता है। इससे महंगाई बढ़ने और रुपये पर दबाव आने की भी आशंका जताई गई है।
read also: Manipur Violence: BSF जवान की हत्या के बाद बड़ा एक्शन, 21 अवैध बंकर नष्ट
CRISIL ने सुझाव दिया है कि सरकार को राजकोषीय संतुलन बनाए रखने के लिए खर्च प्रबंधन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर निवेश बढ़ाना होगा। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले महीनों में वैश्विक हालात पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।


