रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उसे 55 साल पहले का अंजाम नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल या भारत की संप्रभुता पर नजर उठाने की कोशिश की गई तो इसका गंभीर परिणाम होगा। यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच आया है, जिसने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
रक्षा मंत्री ने 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की सैन्य ताकत और संकल्प पर किसी को भी संदेह नहीं होना चाहिए। इसी युद्ध के बाद बांग्लादेश का गठन हुआ था, जिसे उन्होंने इतिहास का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन देश की एकता और अखंडता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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राजनाथ सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसे भारत की सुरक्षा नीति और पड़ोसी देशों को दिया गया स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।


