दुनिया में कोरोना के एक नए वैरिएंट को लेकर चिंता बढ़ रही है, जिसमें 70 से ज्यादा म्यूटेशन पाए जाने की बात सामने आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक इतने अधिक म्यूटेशन वायरस को ज्यादा तेजी से फैलने और इम्यूनिटी से बच निकलने में मदद कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी गंभीरता पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है, लेकिन World Health Organization समेत स्वास्थ्य एजेंसियां इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्ग, पहले से बीमार लोग और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को इस नए वैरिएंट से ज्यादा खतरा हो सकता है। खासतौर पर दिल, फेफड़े, डायबिटीज या किडनी से जुड़ी बीमारी वाले मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों ने लंबे समय से बूस्टर डोज नहीं ली है, उनमें संक्रमण का जोखिम अधिक हो सकता है।
हालांकि राहत की बात यह है कि मास्क, वैक्सीन, हाथ धोना और भीड़ से बचाव जैसे पुराने सुरक्षा उपाय अब भी प्रभावी माने जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है क्योंकि वायरस लगातार बदल रहा है और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।


