पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब रोजमर्रा की चीजों पर भी दिख सकता है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कच्चे माल और शिपिंग लागत बढ़ने के कारण भारत में बोतलबंद पानी की कीमतें बढ़ने की आशंका है। क्षेत्र में सप्लाई चेन बाधित होने से प्लास्टिक पैकेजिंग, ऊर्जा और परिवहन लागत में तेजी आई है, जिससे कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि West Asia से जुड़े शिपिंग रूट प्रभावित होने पर कंटेनर लागत और ईंधन खर्च बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर पैकेज्ड ड्रिंक इंडस्ट्री पर पड़ता है। बोतलबंद पानी बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक रेजिन और ऊर्जा की लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा हो रहा है, जिससे कंपनियां कीमत बढ़ाने पर विचार कर सकती हैं।
इसका असर India के उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है, खासकर गर्मी के मौसम में जब बोतलबंद पानी की मांग तेजी से बढ़ती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले महीनों में कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।


