रक्षा क्षेत्र में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात 63% बढ़कर पहली बार 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है, जो भारत की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमता और वैश्विक बाजार में मजबूत होती पहचान को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार मिसाइल सिस्टम, रडार, हेलीकॉप्टर पार्ट्स, आर्टिलरी और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उत्पादों की मांग में तेज बढ़ोतरी हुई है। भारत ने एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों को रक्षा उपकरणों की आपूर्ति बढ़ाई है, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बड़ा प्रोत्साहन मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की नीतियों, निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी और घरेलू उत्पादन पर जोर के चलते आने वाले वर्षों में रक्षा निर्यात और तेजी से बढ़ सकता है। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर रही है।


