पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच European Union ने चेतावनी दी है कि युद्ध समाप्त होने के बाद भी तेल और गैस की कीमतों में तुरंत गिरावट की उम्मीद नहीं है। यूरोपीय संघ का कहना है कि वैश्विक सप्लाई चेन, भू-राजनीतिक जोखिम और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण ऊर्जा बाजार लंबे समय तक दबाव में रह सकते हैं।
EU के अधिकारियों के मुताबिक, ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में बदलाव, वैकल्पिक सप्लाई मार्गों की लागत और भंडारण से जुड़े खर्च भी कीमतों को ऊंचा बनाए रखेंगे। इसके अलावा, कई देशों द्वारा ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिशें भी बाजार में अस्थिरता पैदा कर रही हैं।
read also: आज से छत्तीसगढ़ में बड़े बदलाव: रजिस्ट्री सस्ती, लेकिन पेट्रोल-शराब और गैस हुई महंगी
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने में समय लगेगा और उपभोक्ताओं को निकट भविष्य में राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई पर इसका असर जारी रहने की आशंका जताई जा रही है।


