साल 2015 में सड़क किनारे नमाज पढ़ते समय हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। Motor Accident Claims Tribunal (MACT) ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी और वाहन मालिक को 7.76 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह हादसा उस समय हुआ था जब पीड़ित सड़क किनारे नमाज अदा कर रहा था और तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी, जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं।
मामले की सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने पाया कि दुर्घटना लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से हुई थी और पीड़ित को लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा। अदालत ने मेडिकल खर्च, आय में नुकसान और मानसिक पीड़ा को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की राशि तय की। ट्रिब्यूनल ने कहा कि सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों की जिम्मेदारी है कि वे सतर्कता बरतें और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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इस फैसले को सड़क सुरक्षा और पीड़ितों के अधिकारों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों में मिसाल बनेगा और लापरवाह ड्राइविंग के खिलाफ सख्त संदेश देगा।


