तिब्बती आध्यात्मिक नेता Dalai Lama ने दुनिया में बढ़ते संघर्षों और युद्धों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हिंसा और टकराव किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकते। दलाई लामा ने सभी देशों से अपील की कि वे सैन्य ताकत के बजाय संवाद और कूटनीति के रास्ते पर चलें, क्योंकि शांति ही मानवता के भविष्य को सुरक्षित रख सकती है।
उन्होंने अपने संदेश में जोर देते हुए कहा कि आज की दुनिया पहले से अधिक जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी क्षेत्र में होने वाला संघर्ष पूरी मानवता को प्रभावित करता है। दलाई लामा ने नेताओं से आग्रह किया कि वे मतभेदों को बातचीत और समझ के जरिए हल करें, ताकि निर्दोष लोगों को युद्ध और हिंसा की कीमत न चुकानी पड़े। उनके अनुसार, सहानुभूति, करुणा और आपसी सम्मान ही स्थायी शांति की नींव हैं।
दलाई लामा ने यह भी कहा कि युवाओं और नागरिक समाज की भूमिका शांति स्थापित करने में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नफरत और विभाजन की राजनीति से ऊपर उठकर वैश्विक भाईचारे को बढ़ावा दें। उनका मानना है कि यदि दुनिया संवाद को प्राथमिकता दे, तो अधिकांश विवाद बिना हिंसा के सुलझाए जा सकते हैं।


