पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद वैश्विक तेल बाजार में नरमी देखने को मिली है। ताजा कारोबार में ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर करीब 115 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे ऊर्जा बाजार में कुछ राहत के संकेत मिले हैं। हाल के दिनों में भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण तेल कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था।
विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक मांग को लेकर बनी अनिश्चितता और कुछ देशों द्वारा सप्लाई बढ़ाने के संकेतों ने तेल कीमतों पर दबाव बनाया है। इसके अलावा निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली भी गिरावट की बड़ी वजह मानी जा रही है।
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विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में तेल की कीमतें भू-राजनीतिक हालात, सप्लाई और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर रहेंगी। फिलहाल कीमतों में आई नरमी से तेल आयात करने वाले देशों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है।


