भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Government of India ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग योजना के चौथे चरण में 29 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के जरिए करीब ₹7104 करोड़ के निवेश का अनुमान है, जिससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
इस योजना का उद्देश्य मोबाइल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए जरूरी कंपोनेंट्स का घरेलू उत्पादन बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। नई परियोजनाओं से हजारों रोजगार अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह पहल Make in India अभियान को नई गति देगी और विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करेगी। आने वाले वर्षों में यह निवेश भारत की टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।


