दुष्कर्म मामलों में पीड़िता की पहचान उजागर होने पर कड़ा रुख अपनाते हुए Supreme Court of India ने देशभर के सभी हाईकोर्ट को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि कानून के तहत पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य है और इसका उल्लंघन गंभीर अपराध माना जाएगा। कोर्ट ने मीडिया, पुलिस और संबंधित अधिकारियों को भी संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कई मामलों में अदालतों के आदेशों, दस्तावेजों या मीडिया रिपोर्टिंग के जरिए पीड़िताओं की पहचान अप्रत्यक्ष रूप से सामने आ जाती है, जो कानून की भावना के खिलाफ है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी हाईकोर्ट यह सुनिश्चित करें कि किसी भी आदेश, फैसले या दस्तावेज में ऐसी जानकारी शामिल न हो जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो सके।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यह निर्देश पूरे India में लागू होंगे और इनके पालन की नियमित निगरानी की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


