बिना पर्यावरण मंजूरी के चल रही परियोजनाओं को लेकर Supreme Court of India में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत के सामने दलील देते हुए कहा कि पर्यावरणीय मंजूरी के बिना परियोजनाओं को आगे बढ़ाना लोगों की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों दोनों के लिए गंभीर खतरा है। अदालत ने इस मामले में विस्तृत तर्क सुनते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान वकील ने जोर देकर कहा कि ऐसी परियोजनाओं में पर्याप्त सुरक्षा उपाय और जोखिम आकलन अनिवार्य होना चाहिए। उनका तर्क था कि नियमों को नजरअंदाज करने से पर्यावरणीय नुकसान के साथ-साथ आम नागरिकों की जान और स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ सकता है।
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यह मामला पूरे India में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर चल रही बहस को फिर से केंद्र में ले आया है। माना जा रहा है कि अदालत का फैसला भविष्य की परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकता है।


