पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच United States और Iran के बीच जारी टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह संघर्ष लंबा चला तो तेल सप्लाई प्रभावित होगी, जिससे वैश्विक बाजार में महंगाई बढ़ सकती है। भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए यह स्थिति खास तौर पर गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि तेल कीमतों में उछाल का सीधा असर आम लोगों के बजट और उद्योगों पर पड़ सकता है।
इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने भारत की विदेश नीति को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत को संतुलित और व्यावहारिक कूटनीति अपनाते हुए अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। थरूर ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में युद्ध लंबा खिंचने पर ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन बाधित होने से दुनिया के कई देशों में आर्थिक संकट गहरा सकता है।
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थरूर ने यह भी कहा कि India को शांति और संवाद का समर्थन करते हुए अपने ऊर्जा और व्यापार हितों की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उनका मानना है कि अगर समय रहते तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर केवल कूटनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर में करोड़ों परिवारों की आजीविका पर भी पड़ सकता है।


