ओडिशा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के खजाने की गिनती करीब 48 साल बाद शुरू होने जा रही है। इस ऐतिहासिक प्रक्रिया की निगरानी के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। मंदिर के रत्न भंडार (खजाना कक्ष) में मौजूद बहुमूल्य आभूषणों और संपत्तियों का आकलन लंबे समय से लंबित था, जिसे अब पूरा किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए इस बार गिनती की प्रक्रिया बेहद सख्त निगरानी में की जाएगी। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों, विशेषज्ञों और बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि खजाने की आखिरी बार विस्तृत गणना कई दशक पहले हुई थी, जिसके बाद से इसकी स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से मंदिर संपत्ति के सही आकलन के साथ-साथ उसके संरक्षण और प्रबंधन को लेकर नई दिशा मिलेगी। साथ ही, यह प्रक्रिया पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।


