देश में ऑटोमोबाइल परिवहन को अधिक किफायती और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए भारतीय रेलवे अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सड़क मार्ग के मुकाबले रेलवे के जरिए वाहन ढुलाई को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में सबसे बड़ी चुनौती वैगन (रेल डिब्बों) की डिजाइन है। अलग-अलग प्रकार के वाहनों—जैसे कार, एसयूवी और टू-व्हीलर—को सुरक्षित और कुशल तरीके से ले जाने के लिए विशेष प्रकार के वैगन विकसित करने की जरूरत है। इसके लिए आधुनिक तकनीक और उद्योग के साथ सहयोग पर जोर दिया जा रहा है, ताकि परिवहन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
read also: Ticket Refund Rule 2026: भारतीय रेलवे ने बदले टिकट कैंसिलेशन नियम, अब समय के हिसाब से मिलेगा रिफंड
सरकार का मानना है कि अगर ऑटोमोबाइल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ती है, तो इससे न केवल ट्रैफिक जाम और ईंधन की खपत कम होगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी बड़ा बदलाव आएगा। आने वाले समय में इस दिशा में नई नीतियां और निवेश देखने को मिल सकते हैं, जिससे रेलवे की भूमिका और मजबूत होगी।


