ओडिशा में माओवादी गतिविधियां अब अंतिम दौर में पहुंचती नजर आ रही हैं। Mohan Charan Majhi ने दावा किया है कि राज्य में अब केवल 15 नक्सली ही सक्रिय बचे हैं, जो सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जंगलों में लंबे समय से सक्रिय माओवाद अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और राज्य तेजी से विकास की मुख्यधारा में लौट रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों ने सटीक रणनीति अपनाते हुए नक्सल नेटवर्क को कमजोर किया है। आत्मसमर्पण नीति, बेहतर खुफिया तंत्र और स्थानीय लोगों के सहयोग से माओवादियों का प्रभाव काफी घटा है। इसके साथ ही, सरकार ने प्रभावित इलाकों में सड़क, शिक्षा और रोजगार से जुड़े विकास कार्यों को भी तेज किया है, जिससे लोगों का भरोसा शासन में बढ़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही रणनीति जारी रही, तो जल्द ही ओडिशा पूरी तरह नक्सल मुक्त राज्य बन सकता है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अभी भी सतर्क हैं और शेष बचे नक्सलियों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।


