सुकमा। कोंटा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 10वीं कक्षा की एक छात्रा के गर्भवती पाए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद विद्यालय की अधीक्षिका माहेश्वरी निषाद को कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है।
20 मार्च 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ कि विद्यालय संचालन में कई कमियां थीं और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कमजोर थी। रिपोर्ट में छात्रावास में नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों के पालन में गंभीर चूक की पुष्टि की गई।
प्रशासन ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना के बाद जिले के सभी आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस प्रकरण ने एक बार फिर ऐसे संस्थानों की सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आवासीय विद्यालयों में सख्त अनुशासन, नियमित मॉनिटरिंग और पारदर्शी व्यवस्था ही ऐसी घटनाओं की रोकथाम का महत्वपूर्ण आधार हो सकती है।


