वैश्विक तनाव और जंग जैसे हालातों के असर से घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के कारोबारी दिन में BSE Sensex करीब 1953 अंकों तक लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 भी फिसलकर 23200 के नीचे पहुंच गया। निवेशकों में बढ़ती अनिश्चितता और विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर पड़ा। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी गिरावट को और तेज कर दिया।
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हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है और बाजार में स्थिरता लौटने की संभावना बनी हुई है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे घबराकर फैसले न लें और दीर्घकालिक निवेश रणनीति पर टिके रहें। आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और आर्थिक संकेतकों पर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।


