भारत में बच्चों की सेहत को लेकर बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। पिछले 30 वर्षों में देश में बाल मृत्यु दर में करीब 79% की गिरावट दर्ज की गई है। इस उपलब्धि की सराहना United Nations (संयुक्त राष्ट्र) ने भी की है और इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण अभियान और पोषण योजनाओं ने इस सुधार में अहम भूमिका निभाई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, संस्थागत प्रसव में बढ़ोतरी और जागरूकता अभियानों ने बाल मृत्यु दर को कम करने में बड़ा योगदान दिया है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ने से भी इस दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। सरकार की विभिन्न योजनाएं, जैसे टीकाकरण और पोषण कार्यक्रम, इस सफलता के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
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हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं, खासकर कुपोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच को लेकर। इसके बावजूद, यह उपलब्धि भारत के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है और आने वाले समय में और बेहतर परिणामों की उम्मीद जताई जा रही है।


