चैत्र नवरात्रि 2026 के मौके पर देशभर में देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन एक ऐसा प्राचीन मंदिर भी है जो अपनी ऊंचाई और रहस्यमयी कहानियों के कारण खास चर्चा में है। यह मंदिर करीब 600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और माना जाता है कि इसका निर्माण छठी सदी में हुआ था। कठिन पहाड़ी रास्तों के बावजूद श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में मां की विशेष कृपा बनी रहती है और सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
इस मंदिर से जुड़े कई रहस्यमयी किस्से लोगों को हैरान करते हैं। कहा जाता है कि यहां रात के समय दिव्य प्रकाश दिखाई देता है और कई बार घंटियों की आवाज अपने आप सुनाई देती है, जबकि वहां कोई मौजूद नहीं होता। कुछ श्रद्धालु यह भी दावा करते हैं कि उन्हें यहां अलौकिक शक्तियों का एहसास हुआ है। वैज्ञानिक रूप से इन घटनाओं की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन आस्था रखने वालों के लिए यह स्थान किसी चमत्कार से कम नहीं है।
read also: पहलगाम आतंकी हमले के शहीद की बेटी को नौकरी, पुणे नगर निगम में अधिकारी बनीं संतोष जगदाले की बेटी
चैत्र नवरात्रि के दौरान इस मंदिर का महत्व और भी बढ़ जाता है। दूर-दूर से भक्त यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और मां दुर्गा से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। प्रशासन भी इस दौरान विशेष व्यवस्थाएं करता है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। आस्था, इतिहास और रहस्य का यह अनोखा संगम इस मंदिर को बेहद खास बनाता है।


