Dog Attack: बेमेतरा जिले के थानखम्हरिया क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दर्री और आसपास के इलाकों में एक पागल कुत्ते के आतंक से भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के भीतर इस खूंखार श्वान ने ग्राम दर्री में 12 ग्रामीणों, थानखम्हरिया में 2 और ग्राम बनिया में 2 सगी बहनों समेत कुल 19 लोगों को अपना शिकार बनाया है। शुक्रवार की रात से शुरू हुआ यह सिलसिला शनिवार सुबह तक जारी रहा, जिसमें श्वान ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को दौड़ा-दौड़ा कर काटा। ग्रामीणों के अनुसार, श्वान अचानक पीछे से हमला करने लगा, जिससे पूरे क्षेत्र में भय व्याप्त हो गया। अब लोग घर से बाहर निकलने में डर रहे हैं।
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दर्री गांव में दहशत: बुजुर्गों और महिलाओं को बनाया निशाना
ग्राम दर्री में पागल श्वान ने सबसे अधिक तबाही मचाई है। घायल ग्रामीण नारायण सिंह ने बताया कि श्वान ने शुक्रवार रात से ही हमला करना शुरू कर दिया था और शनिवार सुबह होते-होते 10 अन्य लोगों को काट लिया। घायलों में दिनेश पाटिल (49), अनिल पाटिल (37), नारायण सिंह (56), ललिता साहू (31), दसरी बाई (71), कल्याण बाई (42), सुखचंद यादव (42), रंभा पाटिल (50), नंद कुमारी (29) और ललिता साहू (28) शामिल हैं। घायलों में 6 महिलाएं और 4 पुरुष हैं, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। श्वान के खौफ से ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहरा देने को मजबूर हैं।
अस्पताल में वैक्सीन का अभाव: साजा और बेमेतरा से मंगाया गया स्टॉक
एक ओर जहां घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, वहीं थानखम्हरिया सरकारी अस्पताल की बदहाली भी सामने आई। अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में साजा और बेमेतरा जिला अस्पताल से वैक्सीन मंगवाई, तब जाकर मरीजों को टीका लगाया जा सका। इस अव्यवस्था के कारण परिजनों में भारी रोष देखा गया, क्योंकि समय पर टीका न मिलना रेबीज जैसी घातक बीमारी के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।


