Chhattisgarh Open Board Exam: भला कोई जेल किसी परीक्षा के लिए केंद्र बनाया जा सकता है. सुन के थोड़ा अटपटा सा लगा होगा, लेकिन कांकेर के जिला जेल बीते 3 सालों से बंदियों के लिए परीक्षा केंद्र बना हुआ है. ना केवल बंदी यहां परीक्षा दे रहे है बल्कि पास भी हो रहे हैं. इस बार की परीक्षा में खास बात यह है कि यहां 25 बंदियों में 3 महिला और 1 पुरुष नक्सल बंदी भी शिक्षा का लाभ लेकर बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले हैं. जिला जेल कांकेर अब केवल कैदखाना नहीं शिक्षा का गढ़ भी बनता जा रहा है. आपराधिक मामलों में बंद विचारधीन बंदी शिक्षा के प्रति जागरूक हो रहे है. बीते 3 सालों से जेल को बोर्ड परीक्षा का केंद्र बनाया जा रहा है.
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यहां राज्य ओपन स्कूल परीक्षा में कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षाएं हो रही है. अब तक यहां 60 से अधिक बंदियों ने बोर्ड परीक्षा दिलाई है. जिन्हें देखकर और भी बंदी परीक्षा देने के लिए इच्छुक हैं. बीते 3 सालों में इस वर्ष खास बात यह है कि इस बार 16 मार्च से आयोजित होने वाली इस ओपन बोर्ड की परीक्षा में 25 बंदी शामिल हो रहे हैं. जेल में बंद 3 महिला और 1 पुरुष समेत कुल 4 बंदी ऐसे है जो नक्सल मामले में जेल में बंद हैं. इसके साथ ही अन्य मामलों में संलिप्त बंदी भी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. जिन्हें पढ़ने के लिए पुस्तक, कॉपी व अन्य चीजों की व्यवस्था भी करा दी गई है. जिन्हें समय अनुसार पढ़ाकर दक्ष करने का बेहतर प्रयास किया जा रहा है.
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जेल अधीक्षक महेश कुमार का कहना है कि समय-समय पर सभी की काउंसलिंग की जाती है. इस दौरान कुछ ने पढ़ाई की इच्छा जाहिर की है. पढ़ने के लिए पुष्तक व अन्य चीजें उपलब्ध है. जिन्हें तैनात कर्मचारी भी समय-समय पर शिक्षा देते रहते हैं. शिक्षा ही जीवन मे बदलाव लाने का एक मात्र माध्यम है. कांकेर जिला ओपन केंद्र प्रभारी वाजिद खान का कहना है कि वर्ष 2023 से जेल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है. पूर्व में कुछ कैदी अन्य केंद्रों में परीक्षा दिलाने जाने पर असहज महसूस किया करते थे, लेकिन जब से जेल को परीक्षा केंद्र बनाया गया तब से परीक्षा दिलाने वालों की संख्या बढ़ी है.


