बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में गौवंश संरक्षण के लिए राज्य सरकार 14 मार्च से नई पहल शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai बिलासपुर जिले के तखतपुर के लाखासार से ‘गौधाम योजना’ का शुभारंभ करेंगे। इस योजना का उद्देश्य आवारा गौवंश को सुरक्षित आश्रय देना और अवैध तस्करी पर रोक लगाना है। तस्करी विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस द्वारा जब्त की गई गायों को भी गौधाम में रखा जाएगा।
क्या है ‘गौधाम योजना’
राज्य सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत अलग-अलग जिलों और विकासखण्डों में गौधाम और गौशालाएं बनाई जाएंगी, जहां आवारा और जब्त किए गए मवेशियों को रखा जाएगा। इन गौधामों में पशुओं के लिए सुरक्षित शेड, साफ-सफाई, पानी, चिकित्सा सुविधा और नियमित चारा-भूसा की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही समय-समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच भी कराई जाएगी।
सरकार की योजना के अनुसार राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में लगभग 10 गौधाम स्थापित किए जाएंगे। पूरे छत्तीसगढ़ में कुल 1460 गौधाम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल 36 गौधामों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 116 गौधामों की स्वीकृति प्रक्रिया जारी है। पहले चरण में कुल 152 गौधाम स्थापित किए जाएंगे।
चरवाहों और गौ सेवकों को मिलेगा मानदेय
योजना के तहत गौधामों में काम करने वाले चरवाहों और गौ सेवकों को मासिक मानदेय दिया जाएगा। चरवाहों को प्रति माह 10,916 रुपए और गौ सेवकों को 13,126 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। इसके अलावा पशुओं के चारे के लिए भी प्रतिदिन निर्धारित राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गौधामों को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी की है। इसके तहत पहले वर्ष प्रत्येक पशु पर 10 रुपए प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपए, तीसरे वर्ष 30 रुपए और चौथे वर्ष 35 रुपए प्रतिदिन की राशि दी जाएगी।
गौवंश की समस्या के समाधान की पहल
राज्य के कृषि मंत्री Ramvichar Netam ने कहा कि सरकार ने गौवंश से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बजटीय प्रावधान किया है। उनका आरोप है कि पिछली सरकार की Godhan Nyay Yojana अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रत्येक पशु की गणना कर उसके लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
विपक्ष ने उठाए सवाल
गौवंश के मुद्दे पर राज्य की राजनीति पहले भी गर्म रही है। पिछली कांग्रेस सरकार की गोधन न्याय योजना को भाजपा लगातार निशाने पर लेती रही थी। अब सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार नई गौधाम योजना के जरिए अलग मॉडल पेश कर रही है। हालांकि विपक्ष इस योजना को लेकर सवाल भी उठा रहा है।


