NCERT ने कक्षा 8 की एक पाठ्यपुस्तक से न्यायपालिका से जुड़ा विवादित अध्याय हटाने का फैसला किया है। इस अध्याय को लेकर उठे विवाद के बाद परिषद ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। बताया जा रहा है कि कुछ शिक्षकों और विशेषज्ञों ने अध्याय की सामग्री पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
परिषद ने अपने बयान में कहा कि छात्रों को सही और संतुलित जानकारी देना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए समीक्षा के बाद विवादित हिस्से को हटाने का निर्णय लिया गया है। NCERT के मुताबिक पाठ्यपुस्तकों की सामग्री समय-समय पर विशेषज्ञों की सलाह से अपडेट की जाती है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और सटीकता बनी रहे।
हालांकि इस फैसले के बाद भी विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कुछ शिक्षा विशेषज्ञों और संगठनों का कहना है कि पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर अधिक पारदर्शिता और व्यापक चर्चा की जरूरत है। वहीं कई लोग इसे छात्रों के हित में उठाया गया जरूरी कदम बता रहे हैं।


