पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर जारी तनाव आज और भयंकर रूप ले लिया है। अफगान मोर्चे से पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस भी शामिल है। इस हमले में शुरुआती सरकारी और संसदीय सूत्रों के अनुसार करीब 35 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला अफगान सैन्य फोर्सेस द्वारा किया गया है, जो पाकिस्तान के पिछले सैन्य अभियान और “ऑपरेशन सिंदूर” से जुड़े तनाव के बीच आया है।
नूर खान एयरबेस को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इसी बेस को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया था। इस बार अफगान बलों की हवाई और ड्रोन स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की सेना को भारी क्षति झेलनी पड़ी है। इस हमले ने दोनों देशों के बीच पुराने तनाव को और बढ़ा दिया है और क्षेत्र में संघर्ष के बढ़ने का जोखिम पैदा कर दिया है।
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विश्लेषकों के मुताबिक, ऐसे घातक हमलों से दोनों पक्षों के बीच युद्ध की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिससे सीमा के आसपास नागरिक सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तनाव पर कूटनीतिक दबाव बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल दोनों देशों की सेनाओं की प्रतिक्रियाएं युद्ध जैसे हालात को और तेज कर रही हैं।


