पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालातों का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के कारोबारी सत्र में BSE Sensex 1072 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की आशंका ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया।
तेज बिकवाली के चलते निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब आठ लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग, ऑटो, आईटी और एविएशन सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। वहीं सुरक्षित निवेश विकल्प माने जाने वाले सोने में तेजी का रुख कायम रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने गिरावट को और गहरा किया।
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विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को घबराहट में निर्णय लेने से बचने और दीर्घकालिक रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे।


