देश में इस साल फरवरी माह में 2001 के बाद सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। India Meteorological Department (IMD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कई राज्यों में वर्षा सामान्य से काफी कम रही, जिससे रबी फसलों और जलस्तर पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की कम सक्रियता और शुष्क हवाओं के कारण बारिश में यह गिरावट दर्ज हुई।
आईएमडी ने मार्च से मई के बीच तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान भी जताया है। प्री-मानसून सीजन में कई इलाकों में लू चलने और गर्मी के नए रिकॉर्ड बनने की संभावना है। खासकर उत्तर-पश्चिम, मध्य और कुछ दक्षिणी राज्यों में तापमान औसत से ऊपर रह सकता है।
read also: नगर निगम का सख्त कदम – सरकारी जमीन पर बने अवैध व्यावसायिक परिसर पर चला बुलडोजर
विशेषज्ञों का मानना है कि कम बारिश और बढ़ती गर्मी का असर कृषि, जल संसाधनों और बिजली मांग पर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने राज्यों को अग्रिम तैयारी करने और नागरिकों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।


