रायपुर। राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगजनों को धारा 34 के तहत आरक्षण प्रदान करने संबंधी राजपत्र प्रकाशित कर दिया है। इसके तहत राज्य के सभी विभागों, कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, आयोगों और बोर्डों में विभिन्न वर्गों के पदों को दिव्यांगजनों के लिए चिन्हांकित करते हुए सूची जारी की गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
राजपत्र में बताया गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के 27 मार्च 2025 के आदेश के आधार पर समाज कल्याण विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई थी। समिति ने 23 मार्च 2026 को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों का परीक्षण कर दिव्यांगजनों के लिए उपयुक्त पदों की सूची तैयार की। बाद में 22 अक्टूबर 2025 के आदेश के तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष 24 फरवरी 2026 को इन अनुशंसाओं को प्रस्तुत किया गया, जिन्हें अनुमोदित कर दिया गया। राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि चिन्हांकित पदों की सूची परिशिष्ट “क” के अनुसार लागू होगी।
प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी पोषक वर्ग (फीडर कैडर) का पद दिव्यांगजन के लिए चिन्हांकित है तो उसका पदोन्नत पद भी उसी श्रेणी में माना जाएगा। नियुक्ति के समय राज्य मेडिकल बोर्ड द्वारा शारीरिक दक्षता की जांच और दिव्यांगता प्रमाण पत्र का सत्यापन अनिवार्य होगा। सीधी भर्ती में आरक्षण का लाभ केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्रधारी बेंचमार्क दिव्यांगजनों को ही मिलेगा।
दिव्यांगजनों के अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मामला छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, जहां राज्य सरकार से जवाब भी तलब किया गया है।


