मार्च की शुरुआत के साथ ही देश में तेज गर्मी का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस बार तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है और कई राज्यों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की आशंका है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में लू जैसे हालात समय से पहले बन सकते हैं, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि क्षेत्र पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय से पहले पड़ रही गर्मी गेहूं और सरसों की फसलों के लिए चिंता का विषय है। मार्च के दौरान यदि तापमान तेजी से बढ़ता है तो दानों का भराव प्रभावित हो सकता है, जिससे उत्पादन में गिरावट की आशंका बढ़ जाएगी। किसान संगठनों ने सरकार से अपील की है कि संभावित नुकसान को देखते हुए आवश्यक राहत और वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाए।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। यदि आने वाले हफ्तों में गर्मी का प्रकोप बढ़ता है, तो बिजली की मांग, पानी की उपलब्धता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।


