देश की तकनीकी शिक्षा को नियंत्रित करने वाली शीर्ष संस्था All India Council for Technical Education (AICTE) ने एक अहम फैसला लेते हुए अपने सभी मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वैदिक शिक्षा बोर्ड से पढ़े छात्रों को भी अन्य बोर्ड के विद्यार्थियों के समान प्रवेश का अवसर दिया जाए।
यह निर्णय Maharshi Sandipani Rashtriya Ved Sanskrit Shiksha Board (MSRVSSB) से जुड़े छात्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब तक इस बोर्ड से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। AICTE ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले ‘वेद भूषण’ और ‘वेद विभूषण’ प्रमाण पत्रों को क्रमशः कक्षा 10 और कक्षा 12 के समकक्ष माना जाएगा।
आयोग ने देशभर के करीब 9,000 कॉलेजों, तकनीकी विश्वविद्यालयों और राज्य सरकारों को पत्र लिखकर कहा है कि यदि वैदिक बोर्ड से उत्तीर्ण छात्र भौतिकी, रसायन और गणित जैसे अनिवार्य विषयों की योग्यता पूरी करते हैं, तो उन्हें बीटेक जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश से वंचित न किया जाए।
इस फैसले के बाद तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग सीटें खाली रह जाती हैं, ऐसे में यह कदम अवसर बढ़ा सकता है। हालांकि कुछ लोग शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।


