अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक युद्धाभ्यास Milan 2026 में 75 देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लेकर हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सामरिक क्षमता का प्रदर्शन किया। भारत की मेजबानी में आयोजित इस मेगा एक्सरसाइज का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करना रहा। युद्धपोतों, पनडुब्बियों और समुद्री निगरानी विमानों ने समंदर में संयुक्त अभ्यास कर अपनी युद्धक दक्षता दिखाई, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और साझेदारी को नया आयाम मिला।
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समापन अवसर पर भारत के स्वदेशी विमानवाहक पोत INS Vikrant पर भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न देशों के नौसेना प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। भारतीय नौसेना ने बहुराष्ट्रीय सहयोग और समुद्री सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ‘मिलन 2026’ को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सामरिक सहयोग और भारत की समुद्री शक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।


