रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की सुरक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान किया।
नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय मंत्री वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। बैठक में बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिलों के कलेक्टरों ने जल संरक्षण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट अब पर्यावरणीय के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। इस दौरान बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, सोक पिट और रिचार्ज शाफ्ट जैसी जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया, जिससे भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के दूसरे चरण के तहत 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे सिंचाई सुविधा मजबूत होगी और मछली पालन को भी बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों की सराहना करते हुए जनभागीदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिलों के कलेक्टर वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।


