नई दिल्ली। आरिफ मोहम्मद खान ने कहा है कि गोधरा कांड के बाद वह नरेंद्र मोदी के आलोचक थे, लेकिन गुजरात में समय बिताने के बाद उनका नजरिया बदल गया। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शुरुआती दौर में उन्होंने घटनाओं को लेकर आलोचनात्मक रुख अपनाया था, लेकिन बाद में जमीनी हकीकत को समझने का अवसर मिला।
आरिफ खान ने कहा कि किसी भी घटना का आकलन करते समय तथ्यों और परिस्थितियों को करीब से देखना जरूरी होता है। उनके मुताबिक, गुजरात में विकास कार्यों और प्रशासनिक बदलावों को देखने के बाद उन्होंने अपनी राय पर पुनर्विचार किया। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवाद और समझ से दृष्टिकोण बदल सकता है।
उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जहां भाजपा नेताओं ने इसे सकारात्मक टिप्पणी बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने कहा कि गोधरा कांड और उसके बाद की घटनाएं भारतीय राजनीति का संवेदनशील अध्याय हैं, जिन पर विभिन्न मत रहे हैं। बयान के बाद सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।


