कोरबा जिले में बीते तीन दिनों के भीतर चार छात्र-छात्राओं द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं से क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। जान गंवाने वालों में कक्षा 12वीं के दो छात्र, कक्षा 10वीं और कक्षा 9वीं की एक-एक छात्रा शामिल हैं। सभी घटनाएं परीक्षा अवधि के दौरान सामने आई हैं, जिससे बच्चों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
उरगा, सिटी कोतवाली और सिविल लाइन थाना क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं में सभी छात्र परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। एक मामले में सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोग भी स्तब्ध हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा, पारिवारिक परिस्थितियों और अपेक्षाओं का दबाव बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने और भावनात्मक सहयोग देने की अपील की है।






