नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद कुल 1.70 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। आयोग के मुताबिक यह कार्रवाई मृत, स्थानांतरित, दोहराव (डुप्लिकेट) और अन्य अपात्र मतदाताओं की पहचान के बाद की गई है। इस व्यापक अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना बताया गया है।
आयोग ने जानकारी दी कि संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में घर-घर सत्यापन, डिजिटल मिलान और आधार आधारित प्रमाणीकरण जैसे उपायों के जरिए सूची की समीक्षा की गई। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए जो लंबे समय से निष्क्रिय थे या जिनकी पात्रता पर संदेह था। SIR अभियान के बाद अद्यतन मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है और राजनीतिक दलों को भी इसकी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
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हालांकि इस मुद्दे को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं, जबकि आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के साथ की गई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम हटे हैं, वे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर पुनः पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।


