जांजगीर-चांपा: जिले में खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान 7116 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेचा, जिसके कारण वे अब कर्जदार हो गए हैं। जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले के किसानों पर साढ़े 6 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण बकाया है।
जिले में पंजीकृत 1 लाख 26 हजार 43 किसानों में से 1 लाख 18 हजार 927 किसानों ने ही समर्थन मूल्य पर धान बेचा। वहीं 7116 किसानों द्वारा धान नहीं बेचने के कारण सहकारी समितियों से लिए गए ऋण की पूरी वसूली नहीं हो सकी।
सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को कुल 164 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया था, जिसमें से 158 करोड़ रुपए की ही वसूली हो पाई है। शेष 6.60 करोड़ रुपए की वसूली अब तक नहीं हो सकी है।
अब इन किसानों से नगद में ऋण वसूली की जाएगी। किसानों को 31 मार्च तक ऋण जमा करने की अंतिम तिथि दी गई है। यदि इस तिथि तक ऋण जमा नहीं किया गया, तो बकाया राशि पर वार्षिक ब्याज जुड़ता जाएगा। साथ ही किसानों को अगले वर्ष सहकारी समितियों से ऋण नहीं मिलेगा और दो वर्ष तक ऋण जमा नहीं करने पर उन्हें डिफाल्टर घोषित किया जा सकता है।
नोडल अधिकारी अमित साहू के अनुसार, लिकिंग प्रक्रिया से 96 प्रतिशत ऋण की वसूली हो चुकी है और मार्च के अंत तक यह आंकड़ा 99 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।


